गोपालन निदेशालय और प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा संभाग के गौशाला व्यवस्थापकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वेटरनरी विश्वविद्यालय में शुरू

क्रमांक 354                                                                                                                 11 दिसम्बर, 2019

गोपालन निदेशालय और प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा
संभाग के गौशाला व्यवस्थापकों का तीन दिवसीय
प्रशिक्षण वेटरनरी विश्वविद्यालय में शुरू

बीकानेर, 11 दिसम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय और राज्य के गोपालन निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में बीकानेर संभाग की पंजीकृत गौशालाओं के व्यवस्थापकों-प्रतिनिधियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार से शुरू हो गया। प्रशिक्षण में बीकानेर, श्रीगंगाननगर, हनुमानगढ और चूरू जिले के गोशाला प्रबंधक शामिल हुए। वेटरनरी विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. ए.ए. गौरी ने बताया कि प्रशिक्षण के प्रथम दिन राजुवास के प्रो. जी.एन. पुरोहित ने गोवंश के नस्ल सुधार, बांझपन निवारण और भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीकी के बारे में व्याख्यान दिया। वेटरनरी विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डाॅ. राजेश नेहरा ने संतुलित और पौष्टिक पशु आहार तथा पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डाॅ. पूनम चंद शर्मा ने गौशाला के रिकार्ड संधारण, आवास और स्वच्छता की जानकारी दी। गोपालन निदेशालय, जयपुर की पशुचिकित्सा अधिकारी डाॅ. आरती श्रीवास्तव ने विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों से अवगत करवाया। पशुपालन विभाग के डाॅ. राजेष हर्ष ने राज्य में डेयरी फार्म की योजनाओं, पशुपालन विभाग और भारतीय जीव जन्तु कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं और देय लाभ के बारे में बताया। प्रशिक्षण समन्वयक डाॅ. अतुल शंकर अरोडा ने बताया कि गुरूवार को संभागियों को पशुधन अनुसंधान केन्द्र, कोडमदेसर का भ्रमण करवा कर देषी गोवंश पालन, दुग्ध उत्पादों के निर्माण और विपणन के बारे में मौके पर ही जानकारी दी जाएगी।

सह-समन्वयक
जनसम्पर्क प्रकोष्ठ