उद्यामिता प्रोत्साहन योजना वेटरनरी विद्यार्थियों ने तैयार किए ब्राॅयलर और दूध के उप-उत्पाद

क्रमांक 1819                                                                                                                             26 दिसम्बर, 2017

उद्यामिता प्रोत्साहन योजना
वेटरनरी विद्यार्थियों ने तैयार किए ब्राॅयलर और दूध के उप-उत्पाद

बीकानेर, 26 दिसम्बर। वेटरनरी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की उद्यामिता प्रोत्साहन योजना में स्नातक चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं ने इस बार ब्राॅयलर उत्पादन और दूध के विभिन्न उत्पादों को निर्माण का कार्य किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने ब्याज मुक्त राशि मंजूर करके 5 बैच के विद्यार्थियों को सुलभ करवाई है। इन उत्पादों की बिक्री कर मूल राशि विश्वविद्यालय को वापिस लौटानी होगी। पशुधन उत्पादन तकनीकी केन्द्र की प्रमुख प्रो. बसंत बैस ने बताया कि ब्राॅयलर उत्पादन कार्य के लिए विद्यार्थियों ने 100 चूजे क्रय करके ब्राॅयलर तैयार किये हैं। वैज्ञानिक तौर-तरीकों से पालन करने के कारण इनका मीट अत्यंत स्वादिष्ट और प्रत्येक का वजन 1.400 से 1.500 कि.ग्रा. तक प्राप्त किया गया हैं। पोल्ट्री फाॅर्म के डाॅ. छोटू सिंह और डाॅ. संजय सिंह की देखरेख में यह कार्य पूरा किया गया है। दूसरे बैच के विद्यार्थियों ने डाॅ. आर.एन. कच्छवाह की देखरेख में दूध से पनीर, लस्सी, खोया और श्रीखंड के उप-उत्पाद तैयार कर बिक्री की जा रही है। वेटरनरी काॅलेज में प्रतिवर्ष उद्यमिता प्रोत्साहन योजना में विद्यार्थी शामिल होते हैं।

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