आत्मा योजना में अनुसूचित जाति के 30 पशुपालकों का प्रशिक्षण सम्पन्न

वेटरनरी विश्वविद्यालय
आत्मा योजना में अनुसूचित जाति के 30 पशुपालकों का प्रशिक्षण सम्पन्न

बीकानेर, 2 फरवरी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशुपालकों की आय वृद्धि की उन्नत तकनीकों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार (1 व 2 फरवरी) को सम्पन्न हो गया। वेटरनरी विश्वविद्यालय के पशुधन चारा संसाधन प्रबंधन एवं तकनीकी केन्द्र एवं उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक “आत्मा“ बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में जिले के अनुसुचित जाति के 30 पशुपालकों ने भाग लिया। शिविर के समापन पर मुख्य अतिथि प्रो. त्रिभुवन शर्मा, निदेशक, मानव संसाधन विकास, राजुवास, ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को दुग्ध प्रसंस्करण उद्योग को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए कार्य योजना बनानी चाहिए। इससे गांव में ही पशुपालको को दुग्ध का उचित मूल्य मिलेगा तथा शिक्षित युवाओं को रोजगार भी मिल पायेगा। संयोजक डाॅ. दिनेश जैन ने कहा कि युवा कम पूंजी लगाकर भी उत्तम गुणवत्ता का पशु आहार घर बैठे तैयार कर सकते है। राजुवास द्वारा युवाओं के कौशल एवं उद्यामिता विकास के लिए डेयरी तथा पशु आहार उद्योग स्थापना में तकनीकी सहयोग दिया जाता है, जिसका हमें लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम के अन्त में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार सुनील मेघवाल, द्वितीय पुरस्कार बनवारी लाल मेघवाल तथा तृतीय पुरस्कार नन्दलाल नायक को दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डाॅ. तारा बोथरा, डाॅ. विजय बिश्नोई, डाॅ. राजेश नेहरा, डाॅ. सीताराम गुप्ता, दिनेश आचार्य एवं महेन्द्र सिंह मनोहर द्वारा तकनीकी जानकारियां दी गई।