आई.सी.ए.आर. के उप-महानिदेशक (शिक्षा) डाॅ. राठौड़ ने राजुवास फैकल्टी को किया सम्बोधित

क्रमांक 98                                                                                                              17 सितम्बर, 2018

आई.सी.ए.आर. के उप-महानिदेशक (शिक्षा) डाॅ. राठौड़
ने राजुवास फैकल्टी को किया सम्बोधित

बीकानेर, 17 सितम्बर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के उप-महानिदेषक (शिक्षा) डाॅ. एन.एस. राठौड़ ने सोमवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय में डीन-डायरेक्टर और फैकल्टी सदस्यों का सम्बोधित किया और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी। कुलपति सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने की। इस अवसर पर डाॅ. राठौड़ ने कहा कि यह प्रतिस्पद्र्धा का युग है। परिषद् द्वारा देश के 75 कृषि एवं पशुचिकित्सा विश्वविद्यालयों को अधिस्वीकरण के आधार पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 6 कृषि विश्वविद्यालयों में एक ही पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय जिसका कार्य क्षेत्र पूरा राजस्थान है। उन्होंने कहा राजुवास देश में एक तेज गति से बढ़ता हुआ प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है। राजस्थान में पशुधन सेक्टर राज्य के किसानों और पशुपालकों की आय का एक प्रमुख जरिया है। राजस्थान मीट उत्पादन में अग्रणी राज्य है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के मार्फत दी जाने वाली वित्तीय सहायता प्रावधानों की वल्र्ड बैंक फंडिंग परियोजना, ग्रीन इनिषिएटिव, निच एरिया आॅफ एक्सीलैन्स, इंस्टीट्यूशनल डवलपमैन्ट प्लान सहित अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि समय पर आॅनलाइन आवेदन में पूरी जानकारी देने से वित्तीय सहायता सुलभ करवाई जाती है। इससे पूर्व वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने डाॅ. एन.एस. राठौड़ का स्वागत किया और राजुवास की शैक्षणिक, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों को पावर प्रजेन्टेशन द्वारा प्रस्तुत किया। कुलपति प्रो. शर्मा ने राजुवास में गत वर्ष आयोजित एग्रीयूनिफेस्ट के आयोजन के लिए डाॅ. राठौड़ का आभार जताया। इससे पूरे देश में राजुवास और राज्य को एक सांस्कृतिक पहचान मिल सकी। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के सुद्दढ़ीकरण और विकास के लिए वित्तीय संसाधनों की आवष्यकता है जिसमें राजुवास परिसर और मुख्य प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार कार्य शामिल है। विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर भर्ती का प्रयास किया जा रहा है। राजुवास के प्रो. हेमन्त दाधीच ने धन्यवाद ज्ञापित किया। विश्वविद्यालय के डीन-डायरेक्टर ने उप महानिदेशक (शिक्षा) का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।

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